उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर से शुरू जनकल्याण संवाद निवारी आयोजित होगा। इसमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन मापी को लक्षित कर मौके पर समाधान कराया जा रहा है। समान प्रकृति की समस्याओं के लिए गाइडलाइन तय की जा रही है। राजस्व अभिलेखों को अब ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। एक जनवरी से चिरकुट से दस्तावेज निकालने की व्यवस्था बंद कर दी गई है।
💥भूमि सुधार संवाद जिलावार भी आयोजित किया जाएगाः विजय
💥कहा-राजस्व अभिलेख ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं
💥विधानसभा में विभाग के बजट पर लगी मुहर, विपक्ष का वाकआउट
लंबित मामलों का अनुपात घटा उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज
निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हो गया है। लंबित मामलों का अनुपात 25 फीसदी से घटकर 16 फीसदी पर आ गया है। विवाद रहित दाखिल-खारिज के लिए 14 दिन की समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाई जा रही है। भूमि मापी के लिए ई-मापी व्यवस्था लागू की गई है। विपक्ष की गैर मौजूदगी में ही विधानसभा में विभाग के 21 अरब 90 करोड़ 15 लाख एक हजार रुपए के बजट पर मुहर लगी। सरकार के उत्तर से नाराज विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया।
राजस्व-भूमि सुधार विभाग में 16584 पदों पर बहाली होगी
पटना। डिप्टी सीएम ने बताया कि विभाग में 16584 पदों पर नियुक्ति करने की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। राज्य में राजस्व कर्मचारी के 3303 नए पद सृजित किए गए हैं। पहले स्वीकृत 8472 पदों की तुलना में अब कुल पदों की संख्या बढ़कर 11,775 हो गई है। वर्तमान में लगभग 3767 कर्मी कार्यरत
हैं। रिक्तियों को भरने के लिए वर्ष 2023 में 3559 पदों पर बहाली के लिए अधियाचना बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गई। शेष रिक्त पदों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद वर्ष 2025 में 4492 पदों के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित की गई है। इससे अंचल स्तर पर लंबित मामलों के
निष्पादन, अभिलेख संधारण और जनसेवा की गति में सुधार की अपेक्षा है। इसी तरह राज्य में अमीन के कुल 2502 स्वीकृत पद हैं, जिनमें लगभग 1199 कार्यरत हैं। शेष रिक्तियों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद 765 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है।
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