👉 विकसित भारत – ग्रामीण रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन
यह एक ग्रामीण रोज़गार योजना / ढांचा है, जिसे MGNREGA (मनरेगा) के नए रूप या विकल्प के तौर पर चर्चा / प्रस्ताव में रखा गया है।
🔶 योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मकसद है:
ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार की गारंटी
गाँवों में स्थायी संपत्ति (assets) बनाना
लोगों की आजीविका (livelihood) मजबूत करना
विकसित भारत के लक्ष्य को गाँवों तक पहुँचाना
🔷 VB-G RAM G के मुख्य बिंदु
1️⃣ रोज़गार की गारंटी
हर ग्रामीण परिवार को
👉 लगभग 125 दिन तक काम देने का लक्ष्य
काम गाँव के आसपास ही मिलेगा
2️⃣ काम के प्रमुख क्षेत्र
इस योजना के तहत काम मुख्यतः इन क्षेत्रों में होगा:
💧 जल संरक्षण (तालाब, नहर, जल-संरचना)
🛣️ ग्रामीण बुनियादी ढाँचा (सड़क, नाली, पंचायत भवन)
🌾 आजीविका से जुड़े काम (खेती से जुड़े संसाधन)
🌱 जलवायु अनुकूल काम (पेड़, मिट्टी संरक्षण)
3️⃣ खेती के मौसम में छूट
बुआई और कटाई के समय
👉 लगभग 60 दिन का ब्रेक हो सकता है
ताकि किसान खेती पर ध्यान दे सकें
4️⃣ भुगतान प्रणाली
मजदूरी सीधे बैंक खाते में
भुगतान साप्ताहिक या 15 दिन के अंदर
5️⃣ केंद्र–राज्य की भागीदारी
पहले मनरेगा में पैसा ज़्यादातर केंद्र सरकार देती थी
VB-G RAM G में:
सामान्य राज्य: 60% केंद्र + 40% राज्य
पहाड़ी / पूर्वोत्तर राज्य: 90% केंद्र + 10% राज्य
🔶 MGNREGA और VB-G RAM G में अंतर
बिंदु
मनरेगा (MGNREGA)
VB-G RAM G
काम के दिन
100 दिन
~125 दिन
फंडिंग
ज़्यादातर केंद्र
केंद्र + राज्य
काम का स्वरूप
मांग आधारित
योजना आधारित
खेती का मौसम
कोई ब्रेक नहीं
60 दिन का ब्रेक
फोकस
अस्थायी काम
स्थायी विकास
🔷 सरकार के अनुसार फायदे
✔ ज़्यादा रोज़गार
✔ बेहतर गाँव और ढाँचा
✔ स्थायी संपत्ति
✔ पारदर्शिता (डिजिटल निगरानी)
✔ ग्रामीण आय में बढ़ोतरी
🔴 आलोचना / सवाल
कुछ विशेषज्ञों और विपक्ष का कहना है:
❗ काम की कानूनी गारंटी कमजोर हो सकती है
❗ राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा
❗ पंचायतों की स्वतंत्रता कम हो सकती है
🟢 आसान शब्दों में निष्कर्ष
VB-G RAM G का लक्ष्य है
👉 गाँव में काम + आजीविका + विकास
यह योजना मनरेगा से आगे बढ़कर
गाँवों को विकसित भारत से जोड़ने की कोशिश मानी जाती है,
लेकिन इसके ज़मीनी असर पर बहस जारी है।