Total Pageviews

आज की सच्ची कहानी: मेहनत बनाम सिस्टमआज गाँव से शहर तक एक ही सवाल गूंज रहा है—

“मेहनत करने वाले को उसका हक कब मिलेगा?”
किसान खेत में पसीना बहा रहा है,
युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा है,
छोटा व्यापारी महँगाई से जूझ रहा है।
सरकारी योजनाएँ काग़ज़ों में चमकती हैं,
लेकिन ज़मीन पर पहुँचते-पहुँचते
उम्मीदें थक जाती हैं।
👉 सवाल सिर्फ़ योजनाओं का नहीं,
जवाबदेही (Accountability) का है।
जब तक जवाब तय नहीं होगा,
तब तक हालात नहीं बदलेंगे।
आज की कहानी यही कहती है—
आवाज़ उठाइए, सवाल पूछिए,
क्योंकि चुप्पी सबसे बड़ा अपराध है।

No comments:

Post a Comment

गायघाट की CO शिवांगी पाठक ने किया सम्मानित संवाद

  Padma Awards 2025 भारत सरकार द्वारा Padma Awards 2025 के अंतर्गत बिहार की लोककला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली निर्मला देवी ...